
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अमित जोगी को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी की दोषसिद्धि (Conviction) और उम्रकैद की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है।
लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे अमित जोगी के लिए यह फैसला संजीवनी की तरह देखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत द्वारा दी गई सजा के क्रियान्वयन पर स्थगन दे दिया है। इस फैसले के बाद अमित जोगी को मिली राहत ने प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज कर दी है
क्या है मामला?
उल्लेखनीय है कि साल 2003 में एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अमित जोगी सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। निचली अदालत और बाद में हाईकोर्ट के फैसलों के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जहां अब जोगी के पक्ष में यह महत्वपूर्ण आदेश आया है।
अमित जोगी की सजा पर रोक लगने के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल अमित जोगी को व्यक्तिगत राहत मिली है, बल्कि आने वाले समय में उनकी राजनीतिक सक्रियता और पार्टी की मजबूती पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है।