बीजापुर | जिले में रोजी-रोटी की तलाश में पलायन कर रहे मजदूरों के साथ एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। भोपालपटनम ब्लॉक के सोमनपल्ली के पास मजदूरों से भरी एक अनियंत्रित पिकअप पलट गई, जिसमें 35 से 40 मजदूर घायल हो गए हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद 15 गंभीर रूप से घायल मजदूरों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
ठूंस-ठूंस कर भरे थे मजदूर
मिली जानकारी के अनुसार, पेटाबोगड़ा और दम्मूर गांव के ये मजदूर मिर्ची तोड़ने के लिए महाराष्ट्र जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन में क्षमता से कहीं अधिक मजदूरों को जानवरों की तरह ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। सोमनपल्ली के पास चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और पिकअप सड़क किनारे पलट गई। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
इस हादसे ने जिले के प्रशासनिक तंत्र, विशेषकर परिवहन, श्रम और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश?
सैकड़ों किलोमीटर दूर तक मजदूरों को असुरक्षित ले जाने का यह सिलसिला नया नहीं है। स्थानीय लोगों में आक्रोश है कि आखिर क्यों प्रशासन बड़े हादसों का इंतजार करता है? क्या इस बार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी या हर बार की तरह जांच के नाम पर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा?
“मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। अगर समय रहते ओवरलोड वाहनों पर नकेल कसी जाती, तो आज ये मजदूर अस्पताल के बिस्तर पर नहीं होते।”
— एक स्थानीय नागरिक
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