शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, 15 अप्रैल से शुरू होगा मास्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम
रायपुर | प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजधानी रायपुर में आज गूगल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्रदेश भर के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों (शहरी और ग्रामीण) के प्राचार्यों ने हिस्सा लिया।
नई तकनीक से भविष्य की तैयारी:
गजेंद्र यादव ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि आने वाला समय तकनीक का है और राज्य सरकार अभी से इसकी तैयारी कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई शिक्षा प्रणाली (NEP) के तहत आधुनिक तकनीकों का समावेश जरूरी है ताकि हमारे छात्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
मंत्री ने कहा, “हमारा उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। AI और गूगल टूल्स के माध्यम से शिक्षकों और छात्रों के बीच सीखने की प्रक्रिया और भी रोचक होगी।”
15 अप्रैल से शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण
इस पहल को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षकों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यशाला में गूगल के विशेषज्ञों ने शिक्षकों को AI के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
- प्रशिक्षण की अवधि: 15 अप्रैल से 15 जून तक।
- लक्ष्य: शिक्षकों को डिजिटल टूल्स और AI आधारित शिक्षण पद्धतियों में माहिर बनाना।
- क्रियान्वयन: नए सत्र से इन तकनीकों को कक्षाओं में लागू किया जाएगा।
नए सत्र में सुविधाओं की सौगात
शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। इस बार ‘शाला प्रवेश उत्सव’ के दिन ही छात्रों को यूनिफॉर्म और साइकिल वितरित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का लक्ष्य है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को जरूरी सुविधाएं समय पर मिलें।
मुख्य आकर्षण:
- स्वामी आत्मानंद स्कूलों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक।
- गूगल के अधिकारियों द्वारा डिजिटल शिक्षा का डेमो।
- तकनीक और सुविधाओं के तालमेल से सुधरेगा शिक्षा का स्तर।