
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। राज्य के दो थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख और लक्ष्मण केंवट को नक्सल विरोधी अभियानों में उत्कृष्ट साहस और उल्लेखनीय योगदान के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया गया।
जानकारी के अनुसार, भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख और पखांजूर थाना प्रभारी लक्ष्मण केंवट ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय तक सेवा देते हुए कई महत्वपूर्ण अभियानों का सफल नेतृत्व किया। वर्ष 2012 से 2026 तक दोनों अधिकारी बीजापुर, राजनांदगांव और कांकेर जैसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित जिलों में पदस्थ रहे।
सेवा अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों ने नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई और कई चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
उनके नेतृत्व, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए उन्हें देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कारों में शामिल शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।
राष्ट्रपति भवन में सम्मान प्राप्त करने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में खुशी का माहौल है। इस उपलब्धि को राज्य पुलिस बल के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों थाना प्रभारियों को बधाई देते हुए इसे युवा पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणादायक बताया है।