
ग्वालियर। मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना की वैधता और इसके तहत दी जा रही आर्थिक सहायता को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में योजना को बंद करने तथा महिलाओं को दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता पर रोक लगाने की मांग की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
याचिका ग्वालियर के थाटीपुर स्थित नेहरू कॉलोनी निवासी एवं वार्ड-22 की पूर्व कांग्रेस पार्षद सुधा दुबे की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा के माध्यम से दायर की गई है। इसमें मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा वित्त विभाग के प्रमुख सचिवों को पक्षकार बनाया गया है
याचिका में दावा किया गया है कि लाड़ली बहना योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है और इससे राज्य सरकार पर भारी वित्तीय दायित्व पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने योजना को असंवैधानिक बताते हुए इसे निरस्त करने के साथ ही नकद राशि के भुगतान पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है।
हाईकोर्ट ने मामले में सरकार से योजना से जुड़े हितग्राहियों, उन्हें दी जा रही राशि और भुगतान से संबंधित विवरण भी मांगा है।
गौरतलब है कि हाल ही में योजना की 40वीं किस्त के तहत पात्र महिलाओं के खातों में 1500-1500 रुपये की राशि भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।
अगली सुनवाई में सरकार के जवाब के बाद योजना की वैधता, वित्तीय दायित्व और याचिका में उठाए गए अन्य मुद्दों पर आगे की न्यायिक कार्यवाही स्पष्ट होगी।