
रायपुर।सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सुरक्षित भव: फाउंडेशन एवं आईटीएसए (ITSA) अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में अस्पताल परिसर में विशेष ‘रोड सेफ्टी क्लास’ का आयोजन किया गया। इस जागरूकता कार्यशाला में अस्पताल के कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और नागरिकों सहित 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को आपातकालीन स्थिति में उपयोगी ‘इमरजेंसी कार्ड’ (इन-केस कार्ड) का निःशुल्क वितरण किया गया और इसके इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए रायपुर कमिश्नरेट की एसीपी सीमा अहिर्वार ने कहा कि सुरक्षित वाहन संचालन केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के जीवन से भी जुड़ा विषय है। उन्होंने अपील की कि लोग यातायात नियमों का पालन चालान के डर से नहीं, बल्कि आत्म-सुरक्षा के भाव से करें।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए रायपुर कमिश्नरेट की एसीपी सीमा अहिर्वार ने कहा कि सुरक्षित वाहन संचालन केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के जीवन से भी जुड़ा विषय है। उन्होंने अपील की कि लोग यातायात नियमों का पालन चालान के डर से नहीं, बल्कि आत्म-सुरक्षा के भाव से करें।
सुरक्षित भव: फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. संदीप धुप्पड़ ने सड़क सुरक्षा को सामाजिक उत्तरदायित्व बताते हुए कहा कि सड़क पर बरती गई थोड़ी सी भी सावधानी और संयम बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकता है। फाउंडेशन के डायरेक्टर केशव राव ने संस्था के 14 वर्षों के सफर को साझा करते हुए बताया कि निरंतर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के चलते संस्था को 100 से अधिक वर्ल्ड रिकॉर्ड्स प्राप्त हो चुके हैं।
आईटीएसए के डायरेक्टर सुनील बलानी ने सुरक्षित यातायात व्यवहार को दैनिक जीवन की आदत बनाने पर जोर दिया। सत्र के दौरान वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने, गति सीमा का सख्ती से पालन करने, दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट की अनिवार्यता जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में आईटीएसए के सीईओ सूरज त्रिपाठी, रोड सेफ्टी क्लब के पदाधिकारी एवं एग्जीक्यूटिव मेंबर्स प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अंत में संस्था ने आम नागरिकों से यातायात नियमों को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।