23 अगस्त को भिलाई में होगा संस्कृत महोत्सव 2026, प्रतियोगिताओं के साथ मेधावी विद्यार्थियों का होगा सम्मान

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23 अगस्त को भिलाई में होगा संस्कृत महोत्सव 2026, प्रतियोगिताओं के साथ मेधावी विद्यार्थियों का होगा सम्मान

भिलाई। भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा और संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से संस्कृत मित्र मंडलम् द्वारा 23 अगस्त 2026 को आर्य समाज मंदिर स्थित महर्षि दयानंद सभागार, भिलाई में संस्कृत महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, वहीं सीबीएसई की वर्ष 2025 की कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में संस्कृत विषय में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का विशेष सम्मान भी किया जाएगा।


संस्कृत मित्र मंडलम् ने बताया कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, दर्शन, अध्यात्म, वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, श्रीमद्भगवद्गीता, योग और आयुर्वेद जैसी ज्ञान परंपराओं की आधारशिला है। इसी विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।


अगस्त माह को संस्कृत मास के रूप में मनाए जाने के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव में संस्कृत समूह गीत, संस्कृत ग्रीटिंग कार्ड निर्माण, संस्कृत सुलेख तथा “एक ईश्वर : अनेक नाम” विषय पर हिंदी निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सभी प्रतियोगिताएं निःशुल्क होंगी और विद्यालयों, महाविद्यालयों सहित इच्छुक प्रतिभागियों के लिए खुली रहेंगी। प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रविष्टियां 10 अगस्त तक आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक प्रतिभागी अपने विद्यालय अथवा संस्कृत शिक्षक के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन करा सकेंगे।


संस्कृत मित्र मंडलम् की अध्यक्ष आभा चौरसिया ने कहा कि संस्कृत विश्व की प्राचीनतम और समृद्ध भाषाओं में से एक है तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अजय आर्य ने कहा कि संस्कृत का अध्ययन व्यक्ति के विचारों, चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करता है तथा “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” जैसे सार्वभौमिक मूल्यों का संदेश देता है।


बैठक में प्रीति भट्ट, धीरज मणि और संयोगिता त्रिपाठी ने भी संस्कृत के प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों में इसके प्रति रुचि बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी से संस्कृत महोत्सव जन-जागरूकता अभियान का रूप ले सकता है।


आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्ष आयोजित संस्कृत महोत्सव में 25 से अधिक विद्यालयों ने भागीदारी की थी। इस वर्ष अधिकाधिक विद्यालयों और विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।


संस्कृत मित्र मंडलम् ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और संस्कृत प्रेमियों से संस्कृत महोत्सव 2026 में सहभागिता कर भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया है।

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