सट्टे के काले कारोबार पर सबसे बड़ी चोट: ‘3Stumps’ ऐप के मास्टरमाइंड गुलशन खेमानी की 1.42 करोड़ की संपत्ति कुर्क

Spread the love
सट्टे के काले कारोबार पर सबसे बड़ी चोट: ‘3Stumps’ ऐप के मास्टरमाइंड गुलशन खेमानी की 1.42 करोड़ की संपत्ति कुर्क

छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक फैला था सट्टे की काली कमाई का साम्राज्य, कोर्ट के आदेश पर लगा ताला

रायपुर / राजधानी में संगठित अपराध और ऑनलाइन सट्टे के अवैध नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अब अपराधियों के आर्थिक साम्राज्य पर सीधा प्रहार शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा ऐप ‘3Stumps’ के मुख्य सरगना बाबू उर्फ गुलशन खेमानी और उसके सहयोगियों द्वारा अपराध से अर्जित करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश न्यायालय द्वारा जारी किया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत हुई इस कार्रवाई में छत्तीसगढ़ के रायपुर व महासमुंद से लेकर महाराष्ट्र के ठाणे तक स्थित बेशकीमती प्रॉपर्टी और बैंक खातों को सीज किया गया है।

अप्रैल में हुआ था भंडाफोड़, 29 गुर्गों की हो चुकी है गिरफ्तारी
मामले की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब सेंट्रल जोन के थाना गंज पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा ऐप ‘3Stumps’ का संचालन करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया था। थाना गंज में अपराध क्रमांक 110/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।


​जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी अपने गुर्गों के जरिए हाईटेक कॉल सेंटर, फर्जी मोबाइल सिम और कमीशन पर लिए गए दर्जनों बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) का इस्तेमाल कर सट्टे का संचालन कर रहा था। सट्टे से आने वाली काली कमाई को पहले अन्य लोगों के खातों में डलवाया जाता था और बाद में कमीशन काटकर मुख्य खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता था। इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने मुख्य सरगना खेमानी समेत कुल 29 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया था और पूर्व में ही करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य के वाहन व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे।

सूक्ष्म वित्तीय विवेचना से खुला काली कमाई के निवेश का राज
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने इस मामले को केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए आरोपियों के बैंक ट्रांजेक्शन और प्रॉपर्टी की सूक्ष्म वित्तीय विवेचना (Financial Investigation) शुरू की। एसीसीयू और गंज पुलिस की टीम ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए उन तमाम संपत्तियों की पहचान की, जिन्हें सट्टे की अवैध कमाई से खरीदा गया था। पुलिस ने ठोस साक्ष्यों के साथ न्यायालय में कुर्की के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने (विविध दांडिक प्रकरण क्रमांक 1353/2026) 16 अक्टूबर 2026 को आरोपी की 1.42 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने का ऐतिहासिक आदेश पारित किया।

कलेक्टर, पंजीयन विभाग और बैंक प्रबंधन को भेजे गए पत्र
न्यायालय से कुर्की का आदेश मिलते ही रायपुर पुलिस ने तत्काल प्रभाव से इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस विभाग द्वारा संबंधित जिलों के राजस्व अधिकारियों, उप-पंजीयक कार्यालयों और बैंक प्रबंधन को आधिकारिक पत्र जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत अब उपरोक्त किसी भी जमीन या दुकान की खरीदी-बिक्री, नामांतरण या हस्तांतरण नहीं हो सकेगा, साथ ही बैंक एफडी से किसी भी प्रकार के लेनदेन पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है। इसके अतिरिक्त, संबंधित जिला कलेक्टरों को भी आगे की वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पत्र प्रेषित किए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *