
कांकेर। कोदागांव स्थित मां शीतला मंदिर में नवरात्रि के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला, ग्रामीणों के मुताबिक, हर नवरात्रि में भालू मंदिर परिसर में पहुंचता है। इस नजारे को देखने और मां के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं।
मां शीतला मंदिर परिसर पहुंचा भालू
ग्राम कोदागांव का मां शीतला मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। नवरात्रि के अवसर पर यहां पूजा-अर्चना करने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु आते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में भालू की मौजूदगी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है। इसे देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, अब तक नहीं हुई जनहानि
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर में भालू की मौजूदगी के दौरान अब तक किसी तरह की जनहानि की घटना सामने नहीं आई है। हालांकि, भालू एक जंगली जानवर है और उसके करीब जाना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा जरूरी
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भालू से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। उसे घेरने, छेड़ने या भोजन देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। खासकर बच्चों को अपने साथ रखना और भीड़ के बीच सतर्क रहना जरूरी है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही
कोदागांव स्थित मां शीतला मंदिर में नवरात्रि के दौरान उमड़ने वाली भीड़ और भालू की मौजूदगी क्षेत्र में लोगों की उत्सुकता का कारण बनी हुई है। श्रद्धालुओं के लिए जरूरी है कि वे अपनी आस्था के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और अपनी सावधानी का भी ध्यान रखें।