
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता का एक गंभीर मामला सामने आया है। दुर्ग पुलिस के दो जवान मुल्जिम पेशी की ड्यूटी पर सरगुजा गए थे, लेकिन अंबिकापुर के नया बस स्टैंड पर दोनों कथित तौर पर शराब के नशे में वर्दी पहने जमीन पर सोते मिले। मामले में सबसे गंभीर पहलू यह बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मियों की सरकारी INSAS राइफल भी असुरक्षित अवस्था में पड़ी थी। घटना की जानकारी सामने आने के बाद दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को दुर्ग पुलिस के दो कर्मचारियों को मुल्जिम पेशी के सिलसिले में सरगुजा भेजा गया था। इस ड्यूटी पर सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक क्रमांक 1223 ऋषिकांत त्रिपाठी तैनात थे। दोनों पुलिसकर्मी रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ थे।
बताया गया है कि 18 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 5:40 बजे दोनों अंबिकापुर के नया बस स्टैंड परिसर में वर्दी पहने जमीन पर सोते मिले। आरोप है कि उस समय दोनों शराब के नशे में थे। ड्यूटी के दौरान इस तरह की स्थिति सामने आने और सरकारी हथियारों को असुरक्षित छोड़े जाने की जानकारी ने मामले को गंभीर बना दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने एएसआई जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। निलंबन की कार्रवाई के साथ ही दोनों को रक्षित केंद्र दुर्ग में अटैच किया गया है।
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को ड्यूटी के दौरान अनुशासन और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी में लापरवाही, विशेषकर सरकारी हथियारों की सुरक्षा से जुड़ा मामला, विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया जाता है।
एसएसपी ने मामले की प्रारंभिक जांच के लिए रक्षित निरीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें पांच दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों, पुलिसकर्मियों की ड्यूटी, कथित नशे की स्थिति और सरकारी हथियारों की सुरक्षा से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।