
विशेष पॉक्सो न्यायालय का फैसला, आरोपी सोमेश यादव पर लगाया अर्थदंड; पीड़ित परिवार को 7 लाख रुपए क्षतिपूर्ति
दुर्ग। मोहन नगर थाना क्षेत्र में 6 साल 3 माह की मासूम बालिका से दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय, दुर्ग ने आरोपी सोमेश यादव को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ एफटीएससी, विशेष न्यायालय पॉक्सो दुर्ग ने 10 सितंबर 2026 को मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा का फैसला सुनाया।
मामला 6 अप्रैल 2025 का है। पुलिस को 6 साल 3 माह की बालिका के लापता होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने बालिका को एक वाहन से बरामद किया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल को सुरक्षित किया और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान डीएनए, जैविक, चिकित्सकीय, सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को संकलित किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके मेमोरेण्डम के आधार पर संबंधित वस्तुओं की बरामदगी भी की गई।
पुलिस जांच में जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों, एफएसएफ एवं डीएनए जांच रिपोर्ट समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। इन साक्ष्यों और प्रकरण में प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6(1) एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मृत्युदंड तथा प्रत्येक धारा में 5-5 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं धारा 238(क) के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
हाईकोर्ट से होगी मृत्युदंड की पुष्टि
मामले में सुनाई गई मृत्युदंड की सजा की पुष्टि की प्रक्रिया अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में होगी। इसके अलावा न्यायालय ने पीड़ित परिवार को आहत प्रतिकर योजना के तहत 7 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने का निर्देश भी दिया है।
इस फैसले को नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर अपराध में न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनाई गई कड़ी सजा के रूप में देखा जा रहा है।