
जिम्मेदार ही तोड़ रहे नियम: मुख्य लिपिक और सहायक ग्रेड-3 कैमरे में कैद, उच्च अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश।
खैरागढ़।जिला मुख्यालय स्थित आबकारी विभाग के कार्यालय से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस विभाग पर शराब बिक्री के नियंत्रण और आबकारी कानूनों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी है, उसी के कार्यालय में कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर शराबखोरी करने का वीडियो वायरल हो गया है। इस घटना ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यालयीन अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल हो रहे इस वीडियो में कार्यालय के भीतर कर्मचारी हाथ में डिस्पोजल गिलास लिए नजर आ रहे हैं। वीडियो के आधार पर ड्यूटी के दौरान शराब सेवन करने वाले इन कर्मचारियों की पहचान मुख्य लिपिक (हेड क्लर्क) वीरेंद्र सिंह यादव और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी सुजीतपूरी गोस्वामी के रूप में की गई है। सरकारी कार्यालय को ही मयखाना बना देने के इस कृत्य से विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है।
जवाबदेही पर उठ रहे गंभीर सवाल
यह मामला इसलिए भी अत्यंत गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आबकारी विभाग का मुख्य कार्य ही अवैध शराब और मद्यपान से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है। ऐसे में यदि सरकारी कार्यालय के भीतर ही नियमों की सरेआम अनदेखी हो, तो इसकी जवाबदेही किसकी है? आम जनता और प्रशासनिक गलियारों में यह एक बड़ा सवाल बनकर उभर रहा है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
सरकारी दफ्तरों में अनुशासनहीनता और शराबखोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व शिक्षा विभाग के बीईओ (BEO) कार्यालय से भी शराब सेवन का एक वीडियो सामने आया था। उस मामले में वीडियो वायरल होने के बाद जांच कर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की गई थी। अब आबकारी विभाग का यह ताजा मामला सामने आने के बाद सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर से बहस छिड़ गई है।
उच्च अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का सख्त निर्देश
कार्यालय के भीतर शराबखोरी का वीडियो वायरल होने और मामला तूल पकड़ने के बाद उच्च अधिकारियों ने तत्काल इसका संज्ञान लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जाएगी और विभागीय अनुशासन तोड़ने का जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।