
दुर्ग। नवरात्रि के पावन पर्व पर दुर्ग स्थित भारती विश्वविद्यालय के प्रांगण में भव्य ‘गरबा उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंग-बिरंगे पारंपरिक गुजराती परिधानों में सज-धजकर गरबा और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा परिसर भक्ति और उत्साह के रंग में सराबोर नजर आया।
माँ दुर्गा की आराधना के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुशील चंद्राकर एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक श्रीमती शालिनी चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उत्सव का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा माँ जगदम्बे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया।
इस दौरान कुलाधिपति सुशील चंद्राकर ने सभी को नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और उनमें भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान व आपसी एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
यश साहू बने ‘गरबा किंग’ और शिवानी थवाइत बनीं ‘गरबा क्वीन’
डांडिया और गरबा की धुनों पर देर तक चले इस उत्सव में विद्यार्थियों ने अपने शानदार नृत्य कौशल का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन और आकर्षक वेशभूषा के आधार पर प्रतिभागियों को विभिन्न खिताबों से नवाजा गया:
बेस्ट गरबा किंग: यश साहू
बेस्ट गरबा क्वीन: शिवानी थवाइत
बेस्ट कॉस्ट्यूम (परिधान): प्रज्ज्वल प्रधान एवं प्रियंका साहू
इस सांस्कृतिक महोत्सव में विश्वविद्यालय के उप-कुलपति डॉ. आलोक भट्ट, कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र कुमार स्वर्णकार, डायरेक्टर डॉ. आर. पी. अग्रवाल, डायरेक्टर डॉ. घनश्याम साहू, डॉ. विद्यावती चंद्राकर एवं डॉ. स्वाती पांडे की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों (फैकल्टी), कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक शिरकत की।