कबीरधाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए बैगा जनजाति के 13 बच्चे, 8 गिरफ्तार

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कबीरधाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए बैगा जनजाति के 13 बच्चे, 8 गिरफ्तार


5 गांवों में पुलिस टीम ने मारा छापा, 8 से 15 साल के बच्चों से चरवाहे का काम करा रहे थे आरोपी
​कवर्धा/कबीरधाम। कबीरधाम पुलिस ने बाल तस्करी और बंधुआ श्रम के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने विशेष संरक्षित बैगा जनजाति के 13 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करों और नियोक्ताओं के चंगुल से मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


​लालच देकर ले गए थे तस्कर
​पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह को गोपनीय सूचना मिली थी कि ग्राम थूहापानी और आसपास के वनांचल क्षेत्रों से नाबालिग बच्चों को उनके माता-पिता को चंद रुपयों का लालच देकर बाहर ले जाया गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों जैसे ग्राम भलपहरी, खरहट्टा (पाण्डातराई), सारंगपुर कला, कान्हाभैरा और दशरंगपुर में एक साथ दबिश दी, जहां से इन बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।


​सुबह से शाम तक कराते थे कठिन काम
​रेस्क्यू किए गए बच्चों की उम्र मात्र 8 से 15 वर्ष के बीच है। पूछताछ में बच्चों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनसे सुबह से शाम तक गाय और मवेशी चराने जैसे कठिन काम कराए जाते थे। हैरानी की बात यह है कि बच्चों को इस कड़ी मेहनत के बदले कोई पैसा नहीं दिया जाता था। आरोपियों ने उनके माता-पिता को मात्र 1000 से 2000 रुपये प्रति माह देने का झांसा देकर बच्चों को अपने पास रखा था।
​”बच्चों को बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड लाइन की निगरानी में बालगृह भेजा गया है। वहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है ताकि वे इस मानसिक प्रताड़ना से बाहर आ सकें।”
— पुलिस प्रशासन, कबीरधाम


​पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कानून का शिकंजा कसते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), किशोर न्याय अधिनियम, बाल श्रम अधिनियम, बंधुआ मजदूर प्रणाली उन्मूलन अधिनियम और SC-ST एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

​पुलिस ने इस रैकेट में शामिल निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
​रामू यादव
​रवि यादव
​धनीराम यादव
​सर्वन यादव
​दीपक यादव
​रामफल यादव
​राम बिहारी यादव
​रुपेश यादव

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