
भिलाई-3 और सिकोलाभाठा में सुबह 6 बजे पहुंची केंद्रीय एजेंसी की टीम; 12 दिन के भीतर जिले में दूसरी बड़ी दबिश
दुर्ग। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दुर्ग जिले में दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। जांच एजेंसी की टीमों ने सुबह करीब 6 बजे भिलाई-3 स्थित विश्व बैंक कॉलोनी और दुर्ग के सिकोलाभाठा क्षेत्र में एक साथ छापेमार कार्रवाई शुरू की। दोनों ही स्थानों पर अधिकारी दो-दो वाहनों में पहुंचे और परिसरों को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की।
पहला छापा भिलाई-3 की विश्व बैंक कॉलोनी स्थित के.के. चंद्रवंशी के निवास पर मारा गया है। चंद्रवंशी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीब तीन वर्षों तक निजी सचिव (PA) रह चुके हैं। इससे पूर्व वे पाटन क्षेत्र में पदस्थ रहे थे और तत्कालीन सरकार के दौरान उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) भी दिया गया था।
दूसरी कार्रवाई दुर्ग के सिकोलाभाठा क्षेत्र में कमलेश सिंह राजपूत के आवास पर जारी है। कमलेश राजपूत पूर्व में पटवारी संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं और बेमेतरा-बेरला क्षेत्र में लंबे समय तक पदस्थ रहे हैं। वर्तमान में वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसान मोर्चा के भू-राजस्व प्रकल्प के प्रदेश संयोजक हैं।
जिले में बीते 12 दिनों के भीतर ED की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले केंद्रीय एजेंसी ने दुर्ग के दो प्रमुख कारोबारियों—विश्वास गुप्ता और सजल जैन के ठिकानों पर जांच की थी।
फिलहाल एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह कार्रवाई किस प्रकरण से जुड़ी है। इसे कथित शराब घोटाला, सीजीपीएससी (CGPSC) गड़बड़ी या पूर्व में हुई गिरफ्तारियों से मिले इनपुट्स से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों द्वारा जांच पूरी होने और आधिकारिक बयान जारी किए जाने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।