भिलाई के कोसानगर नाले में ₹17 करोड़ का बड़ा घोटाला; ‘आप’ ने महापौर और आयुक्त पर आपराधिक षड्यंत्र का लगाया आरोप

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भिलाई के कोसानगर नाले में ₹17 करोड़ का बड़ा घोटाला; ‘आप’ ने महापौर और आयुक्त पर आपराधिक षड्यंत्र का लगाया आरोप

भिलाई, आम आदमी पार्टी, दुर्ग के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह ने भिलाई नगर निगम के शीर्ष नेतृत्व पर भू-माफियाओं के साथ मिलकर एक गंभीर संगठित अपराध को अंजाम देने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने जिला कलेक्टर को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर नगर निगम आयुक्त और महापौर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।


जसप्रीत सिंह के अनुसार, सिंचाई विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में कोसानगर-खम्हरिया मुख्य नाले की चौड़ाई 32 मीटर दर्ज है, लेकिन वर्तमान में इसे घटाकर मात्र 18 मीटर किया जा रहा है। जसप्रीत सिंह का कहना है कि नाले की चौड़ाई में यह कटौती कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 के तहत एक आपराधिक षड्यंत्र है, जिसका उद्देश्य सरकारी जमीन को गबन कर भू-माफियाओं को निजी लाभ पहुँचाना है।


इस पूरी परियोजना में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के ₹17 करोड़ का उपयोग जिस रिटर्निंग वॉल को बनाने में किया जा रहा है, वह असल में नाले की सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि अतिक्रमणकारियों के अवैध कब्जों को कानूनी संरक्षण देने के लिए बनाई जा रही है。 यह सीधे तौर पर लोक सेवक द्वारा किया गया विश्वासघात और सरकारी धन का घोर दुरुपयोग है। साथ ही, बिना किसी इंजीनियर की निगरानी के ले-आउट में बदलाव करना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।


आम आदमी पार्टी जिला अध्यक्ष जसप्रीत सिंह ने चेतावनी दी है कि नाले का आकार छोटा होने से मानसून के दौरान क्षेत्र की बस्तियों में जलभराव होना निश्चित है, जिससे बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि हो सकती है। यदि ऐसी कोई स्थिति पैदा होती है, तो इसके लिए आयुक्त और महापौर को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उन पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया जाना चाहिए।


जसप्रीत सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्माण कार्य को तत्काल रोककर राजस्व और सिंचाई विभाग के मूल नक्शों से इसका मिलान किया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर इस भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया, तो पार्टी माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करेगी और संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत पक्षकार बनाकर कानूनी घेरे में लाएगी。

ज्ञापन देने वाले में रऊफ अंसारी, अविनाश, धर्मेंद्र चौधरी, बलविंदर, कई आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता उपस्थित है

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