
दुर्ग। जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश पांडे को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और अशिष्ट व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में संभागायुक्त दुर्ग द्वारा आदेश जारी किया गया है। निलंबन का आदेश सोमवार को जारी हुआ, जिससे प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, 29 मई को आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान रूपेश पांडे का एक भाजपा मंडल महामंत्री के साथ विवाद हो गया था। कार्यक्रम के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। विवाद के दौरान अधिकारी के व्यवहार को लेकर विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की गई थीं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने 30 मई को सीईओ रूपेश पांडे को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था। प्राप्त जवाब का परीक्षण करने के बाद प्रशासन ने उसे संतोषजनक नहीं माना। कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं अशिष्ट आचरण को आधार बनाते हुए संभागायुक्त दुर्ग ने निलंबन की कार्रवाई की।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुशासन तिहार जैसे महत्वपूर्ण जनसुनवाई कार्यक्रम में अधिकारी का व्यवहार शासन की मंशा के अनुरूप नहीं पाया गया। इसी कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि शासन ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ मर्यादित एवं जिम्मेदार व्यवहार का स्पष्ट संदेश दिया है।