
भिलाई। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ द्वारा भोजशाला प्रकरण में 15 मई 2026 को दिए गए ऐतिहासिक फैसले का पवार क्षत्रिय संघ भिलाई-दुर्ग ने भव्य स्वागत किया है। इस बहुप्रतीक्षित निर्णय की खुशी में संघ द्वारा रविवार, 17 मई को नेहरू नगर स्थित राजा भोज मंगल भवन प्रांगण में “एक दीपक मां वाग्देवी के नाम” उत्सव का गरिमामय आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां गढ़कालिका, मां वाग्देवी और चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज की प्रतिमा पर तिलक एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मां वाग्देवी के चरणों में दीप प्रज्वलित किए गए। संपूर्ण भवन को दीपकों की आकर्षक रोशनी से जगमगा दिया गया। फैसले से उत्साहित युवा कार्यकारिणी के सदस्यों ने जमकर आतिशबाजी की और पटाखे फोड़े। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के बीच मिठाई और प्रसाद स्वरूप खिचड़ी का वितरण कर खुशियां बांटी गईं।
भोजशाला के इतिहास पर वक्ताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव श्री नीतिराज राहंगडाले ने किया। इस अवसर पर ‘राष्ट्रीय पवार क्षत्रिय महासभा भारत’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नंदलाल चौधरी ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए भोजशाला के गौरवशाली इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अतीत में मुगलों द्वारा इस पवित्र भोजशाला पर अतिक्रमण किया गया था। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वरिष्ठजनों और इतिहासकारों ने भी इस विषय पर अपने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए और न्यायालय के फैसले को न्याय की जीत बताया।
कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस भव्य उत्सव में समाज के कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए। मुख्य रूप से वरिष्ठ संरक्षक डॉ. वाई.आर. कटरे, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नंदलाल चौधरी, संरक्षक द्वय श्री गोविंदलाल राहंगडाले, श्री हरिकृष्ण बिसेन, श्री प्रभाकर खौसी उपस्थित रहे।
इनके अतिरिक्त संगठन के संस्थापक सदस्य व समाजसेवी श्री गुलाब सिंह चौहान (मलाजखंड), पांढुरना से श्री डोंगरे और भोपाल से पधारे श्री राम प्रसाद पवार ने भी कार्यक्रम में अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर संघ की तीनों कार्यकारिणी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में पवार क्षत्रिय संघ भिलाई-दुर्ग के अध्यक्ष श्री छोटेलाल पारधी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी उपस्थित सदस्यों और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के विधिवत समापन की घोषणा की।