
रायपुर/ पिछले कुछ दिनों से जारी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों का आंदोलन अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। इस फैसले के बाद प्रदेश के करीब 500 तहसीलदार और नायब तहसीलदार कल से दोबारा अपने काम पर लौटेंगे, जिससे आम जनता को राजस्व संबंधी कामों में बड़ी राहत मिलेगी।
यह पूरा मामला सीतापुर के विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए एक विवाद से जुड़ा हुआ है। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए | विधायक की चचेरी बहन ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक पर अभद्रता करने का आरोप लगाया था।
दूसरी ओर, तहसीलदार संघ का आरोप था कि विधायक समर्थकों ने नायब तहसीलदार के साथ मारपीट और बदसलूकी की है। इसी मारपीट के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार हड़ताल पर चले गए थे।
आरोपियों के सरेंडर के बाद शांत हुआ मामला – तहसीलदार संघ अपनी सुरक्षा और मारपीट करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा हुआ था। आज इस मामले में एक बड़ा मोड़ आया, जब मारपीट के मामले में नामजद दो आरोपियों ने पुलिस के सामने सरेंडर (आत्मसमर्पण) कर दिया। आरोपियों के सरेंडर करने के बाद प्रशासनिक गलियारों और तहसीलदार संघ के बीच गतिरोध समाप्त हुआ और मामला पूरी तरह शांत हो गया।
कल से सुचारू रूप से चलेगा काम : आंदोलन खत्म होने की घोषणा के साथ ही राजस्व अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि कल सुबह से सभी 500 तहसीलदार अपनी-अपनी तहसीलों में काम संभाल लेंगे, जिससे पिछले कुछ दिनों से लंबित पड़े काम अब तेजी से निपटाए जा सकेंगे।