कोरिया ट्रिपल मर्डर की पूरी कहानी, रेत के वर्चस्व की लड़ाई कैसे बनी खूनी खेल की वजह

Spread the love
कोरिया ट्रिपल मर्डर की पूरी कहानी, रेत के वर्चस्व की लड़ाई कैसे बनी खूनी खेल की वजह

कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नगई गांव में 17 जून 2025 की रात हुई ट्रिपल मर्डर की वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। रेत के कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई ने ऐसा खूनी रूप लिया कि भाजपा नेता एवं सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह को उनकी फॉर्च्यूनर कार में जिंदा जला दिया गया। इस घटना में उनके रिश्तेदार नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह की भी मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।

पुलिस जांच के अनुसार, विवाद की जड़ नौगई रेत घाट और आसपास हो रहे कथित अवैध रेत खनन को लेकर वर्चस्व की लड़ाई थी। भरत सिंह के परिवार से जुड़े लोगों ने रेत घाट का सरकारी ठेका लिया था। आरोप है कि दूसरी ओर मनोज त्रिपाठी का परिवार आसपास के क्षेत्रों से भी अवैध रेत खनन और परिवहन कर रहा था। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था।

घटना वाले दिन भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और इसकी शिकायत सोनहत थाने में की गई थी। लेकिन देर रात यह विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।

आधी रात को हुआ हमला

मंगलवार देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह और उनके साथियों को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले उनकी फॉर्च्यूनर कार को टिपर वाहन से कई बार टक्कर मारकर रोक दिया, जिससे कार के दरवाजे जाम हो गए और अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके।

इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। आग की चपेट में आने से भरत सिंह कार में ही जिंदा जल गए। वहीं किसी तरह बाहर निकले अन्य लोगों पर लाठी-डंडों, कुदाल और सब्बल से हमला किया गया।

तीन लोगों की हुई मौत

दमकल की टीम ने आग बुझाने के बाद कार से भरत सिंह का शव बाहर निकाला। गंभीर रूप से झुलसे नागेंद्र सिंह की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि वीरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में घायल दो अन्य लोगों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया था।

फॉरेंसिक जांच में सामने आई साजिश

घटना के बाद शुरुआत में हाईटेंशन लाइन से आग लगने जैसी चर्चाएं हुईं, लेकिन फॉरेंसिक जांच में स्पष्ट हुआ कि कार में सुनियोजित तरीके से पेट्रोल डालकर आग लगाई गई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या, आगजनी और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।

चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की गई। मामले की जांच के लिए विशेष टीम भी गठित की गई थी।

मृतक और आरोपी, दोनों भाजपा से जुड़े

घटना का सबसे चर्चित पहलू यह रहा कि मृतक भरत सिंह और मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी दोनों ही भाजपा से जुड़े हुए थे। भरत सिंह पहले कांग्रेस में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे। दोनों रेत कारोबार से जुड़े थे और उनके बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था।

राजनीतिक बयानबाजी भी हुई

घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा था कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं कांग्रेस ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध रेत कारोबार को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है और इसी कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

कोरिया ट्रिपल मर्डर केवल तीन हत्याओं का मामला नहीं है, बल्कि इसने छत्तीसगढ़ में अवैध रेत कारोबार, स्थानीय वर्चस्व की लड़ाई और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा नेता की कार में जिंदा जलाकर हत्या की यह वारदात आज भी प्रदेश की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में गिनी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *