
दुर्ग। विकसित भारत के निर्माण में नशामुक्त युवा शक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए मेरा युवा भारत (MY Bharat), जिला दुर्ग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में सेठ आर.सी.एस. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, दुर्ग में “युवा शक्ति–नशा मुक्त भारत की शक्ति” विषय पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी, स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागी शामिल हुए।
मुख्य अतिथि प्रो. संजय तिवारी, कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, ने कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो युवा नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उनके प्रति तिरस्कार नहीं बल्कि संवेदनशीलता, परामर्श और सामाजिक सहयोग का भाव रखना चाहिए, ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
प्रो. तिवारी ने राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों से नशामुक्ति अभियान को महाविद्यालयों के साथ-साथ गांवों और समुदायों तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करेगी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की। इस दौरान विधायक ने उपस्थित अतिथियों, कार्यक्रम अधिकारियों, निर्णायकों, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों को नशामुक्त समाज के निर्माण की सामूहिक शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रवीण चंद तिवारी, शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज शर्मा तथा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूजा मल्होत्रा उपस्थित रहीं। वहीं एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. जैनेंद्र दीवान ने युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन और सेवा भावना विकसित करने पर बल दिया।
जिला स्तरीय आयोजन के अंतर्गत नशामुक्ति एवं सामाजिक जागरूकता पर आधारित 24 विधाओं की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने नशे के दुष्परिणाम और नशामुक्त जीवन का प्रभावी संदेश दिया। प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए 24 सदस्यीय विशेषज्ञ निर्णायक मंडल का गठन किया गया।
कार्यक्रम के आयोजक क्षितिज गुप्ता (जिला युवा अधिकारी, मेरा युवा भारत, दुर्ग), डॉ. लीना साहू (जिला संगठक, राष्ट्रीय सेवा योजना, बालोद) एवं सुरेश कुमार ठाकुर (जिला संगठक, राष्ट्रीय सेवा योजना, दुर्ग) रहे। आयोजन के अंत में अतिथियों ने प्रतिभागियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए नशामुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया तथा सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।